गाईघाटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पबीर बनर्जी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 43.4% वोट पाकर गाईघाटा सीट जीती और कान्ति बिस्वास (CPM) को 569 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 86 स्वरूपनगर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 86 शांतिपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गाईघाटा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 569 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पबीर बनर्जी | 59,18343.4% | |
| 2 | कान्ति बिस्वास वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 58,61443.0% |
| 3 | सुदीहर बिस्वास | 12,9799.5% | |
| 4 | महिंद्र बिस्वास | 2,6021.9% | |
| 5 | केशव लाल बिस्वास IPF | IPF | 1,7501.3% |
| 6 | अशोक दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4080.3% |
| 7 | बिकाश बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 3970.3% |
| 8 | प्रमोद चन्द्र देबनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.1% |
| 9 | बिश्व निबास आचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.61 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाईघाटा से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 84.5% से बढ़कर 85.1% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।
- 1977कान्ति चन्द्र बिस्वास (CPM), जीत का अंतर 12.2%
- 1982कान्ति बिस्वार (CPM), जीत का अंतर 12.8%
- 1987कान्ति बिस्वास (CPM), जीत का अंतर 8.5%
- 1991पबीर बनर्जी (INC), जीत का अंतर 0.4%
- 1996मन्मथ राय (CPM), जीत का अंतर 3.5%
- 2001ज्योतिप्रिय मल्लिक (AITC), जीत का अंतर 7.1%
- 2006ज्योति प्रिया मल्लिक (AITC), जीत का अंतर 2.5%