बेलडांगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
नुरुल इस्लाम चौधुरी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 41.2% वोट पाकर बेलडांगा सीट जीती और सेख नौशाद अली (RSP) को 4,145 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 64 करीमपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 64 मुर्शिदाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। नुरुल इस्लाम चौधुरी 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नुरुल इस्लाम चौधुरी | 47,80441.2% | |
| 2 | सेख नौशाद अली वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 43,65937.6% |
| 3 | अजीत मैत्र | 20,44417.6% | |
| 4 | सेख अब्दुस सुकूर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0670.9% |
| 5 | सिराजुल इस्लाम निर्दलीय | निर्दलीय | 9490.8% |
| 6 | अनिसुर रहमान खुदा बख्श JP | JP | 7780.7% |
| 7 | रेजाउल करीम मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 6420.6% |
| 8 | अब्दुल मोतालेब | 4330.4% | |
| 9 | भबेश चन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2420.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, RSP और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बेलडांगा से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 41.2%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 76.6% से घटकर 73.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट RSP ने जीती।
- 1977तिमिर बरन भादुड़ी (RSP), जीत का अंतर 17.4%
- 1982नूरुल इस्लाम चौधुरी (INC), जीत का अंतर 17.5%
- 1987नुरुल इस्लाम चौधुरी (INC), जीत का अंतर 8.8%
- 1991नुरुल इस्लाम चौधुरी (INC), जीत का अंतर 3.6%
- 1996तिमिर बरन भादुड़ी (RSP), जीत का अंतर 5.9%
- 2001गुलाम किबरिया मिया (INC), जीत का अंतर 21.5%
- 2006रेफ़तुल्लाह मो. (RSP), जीत का अंतर 1.1%