हरिहरपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
मोज़म्मेल हक (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 39.1% वोट पाकर हरिहरपाड़ा सीट जीती और खानारुल होसेन (INC) को 1,893 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 62 बड़ञा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 62 भगवानगोला है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हरिहरपाड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,893 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोज़म्मेल हक वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 44,18839.1% |
| 2 | खानारुल होसेन | 42,29537.4% | |
| 3 | घोष मुकुल रंजन | 11,67710.3% | |
| 4 | मदम सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 10,0678.9% |
| 5 | अब्दुल बारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1952.8% |
| 6 | अंसारी मैमूर होसेन JP | JP | 4470.4% |
| 7 | मैनुल इस्लाम बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.4% |
| 8 | खोंदकार अब्दुल लतीफ | 3990.3% | |
| 9 | नानी गोपाल हालदार | 3610.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरिहरपाड़ा से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने 1987 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 39.1%। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1987 जितना ही रहा: 78.0%। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।