नबग्रामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
शिशिर कुमार सरकार (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 45.7% वोट पाकर नबग्राम सीट जीती और अधीर रंजन चौधुरी (INC) को 1,401 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 57 हरिहरपाड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 57 सूती है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नबग्राम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,401 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिशिर कुमार सरकार वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 51,38245.7% |
| 2 | अधीर रंजन चौधुरी | 49,98144.5% | |
| 3 | स्वाति तोय | 8,2127.3% | |
| 4 | उत्पल मजूमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 8690.8% |
| 5 | सौमेन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 7830.7% |
| 6 | गयानचंद पाण्डेय JP | JP | 6770.6% |
| 7 | अबू बक्कर | 2260.2% | |
| 8 | हक मो. छामचुल निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नबग्राम से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.4% से घटकर 45.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 77.7% से बढ़कर 81.5% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977बीरेन्द्र नारायण राय (CPM), जीत का अंतर 31.1%
- 1982बीरेन्द्र नारायण राय (CPM), जीत का अंतर 8.3%
- 1987बीरेन्द्र नारायण राय (CPM), जीत का अंतर 9.9%
- 1991शिशिर कुमार सरकार (CPM), जीत का अंतर 1.3%
- 1996अधीर रंजन चौधुरी (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 2001नृपेन चौधुरी (CPM), जीत का अंतर 5.8%
- 2006मुकुल मंडल (CPM), जीत का अंतर 15.8%