कालियागंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रमणी कान्ता देब शर्मा (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर कालियागंज सीट जीती और प्रमथ नाथ राय (INC) को 645 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 32 गंगारामपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 32 करणदीघी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कालियागंज का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 645 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमणी कान्ता देब शर्मा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 41,47638.9% |
| 2 | प्रमथ नाथ राय | 40,83138.3% | |
| 3 | सत्येन्द्र नाथ ओराँव | 21,12219.8% | |
| 4 | बिनंदा बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4981.4% |
| 5 | बिमल देब शर्मा JP | JP | 6330.6% |
| 6 | धरणींधर सरकार AMB | AMB | 4440.4% |
| 7 | गोपाल सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 8 | सुशील बर्मन CPI(ML) | CPI(ML) | 2520.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कालियागंज से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने 1987 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.8% से घटकर 38.9% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 77.2% से बढ़कर 87.2% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977नब कुमार राय (INC), जीत का अंतर 1.4%
- 1982नब कुमार राय (INC), जीत का अंतर 10.2%
- 1987रमणी कान्ता देब शर्मा (CPM), जीत का अंतर 1.8%
- 1991रमणी कान्ता देब शर्मा (CPM), जीत का अंतर 0.6%
- 1996प्रमथ नाथ राय (INC), जीत का अंतर 3.8%
- 2001प्रमथनाथ राय (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 2006नानी गोपाल राय (CPM), जीत का अंतर 1.5%