गलसीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
इदरीश मंडल (FBL) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 60.0% वोट पाकर गलसी सीट जीती और चंपक (INC) को 37,004 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 269 नानूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 269 पूर्वस्थली उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — इदरीश मंडल 37.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इदरीश मंडल | 59,51760.0% | |
| 2 | चंपक | 22,51322.7% | |
| 3 | सजल कुमार मंडल | 14,44214.6% | |
| 4 | गणेश चन्द्र हेम्ब्रम | 1,7741.8% | |
| 5 | शेख हुर आलम CPI(ML) | CPI(ML) | 4790.5% |
| 6 | सुबल चन्द्र ज्ञान MCPI | MCPI | 4550.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गलसी से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 62.9% से घटकर 60.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1987 के 76.3% से घटकर 73.7% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।