सिलीगुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अशोक भट्टाचार्य (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर सिलीगुड़ी सीट जीती और प्रशांत नंदी (INC) को 10,633 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 25 चोपड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 25 माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक भट्टाचार्य वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 71,51248.3% |
| 2 | प्रशांत नंदी | 60,87941.1% | |
| 3 | गीता चटर्जी | 13,0748.8% | |
| 4 | श्रीधर मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 6780.5% |
| 5 | शिबानी मंडल | 6470.4% | |
| 6 | नारायण चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5580.4% |
| 7 | कालीचरण पांडिया निर्दलीय | निर्दलीय | 3690.3% |
| 8 | रणेंद्र मुखोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 1840.1% |
| 9 | अतुल चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.44 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिलीगुड़ी से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.1% से घटकर 48.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1987 के 55.5% से बढ़कर 65.6% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।