जयपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
बिंदेश्वर महतो (FBL) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर जयपुर सीट जीती और शांति राम महतो (INC) को 6,201 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 238 बंकुरा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 238 बांदवान है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिंदेश्वर महतो | 43,98848.6% | |
| 2 | शांति राम महतो | 37,78741.7% | |
| 3 | बाला राम महतो | 4,4965.0% | |
| 4 | अनिल चन्द्र महतो | 2,4512.7% | |
| 5 | पदमा लोचन महतो JP | JP | 6970.8% |
| 6 | अमुल्य रतन महतो AMB | AMB | 6580.7% |
| 7 | परीक्षित महतो निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.3% |
| 8 | हबीब सेख निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 9 | सेख अनीश निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, INC और JMM को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जयपुर से कौन जीता, 1977–2006
FBL ने 1987 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.7% से घटकर 48.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1987 के 70.1% से घटकर 67.7% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।