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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 215

पटाशपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991

कामाख्य़ा नन्दन दास महापात्र (CPI) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 50.5% वोट पाकर पटाशपुर सीट जीती और सुनील पाल (INC) को 5,524 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 215 केशियाड़ी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 215 खेजुरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

कामाख्य़ा नन्दन दास महापात्र
CPI· वाम मोर्चा
CPI 50.5%INC 45.4%4 अन्य 4.1%
मिले वोट
53,742
मतों का 50.5%
जीत का अंतर
5,524
कुल वोटों का 5.2%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
85.3%
1,24,670 मतदाताओं में से

5.2% के अंतर से साफ़ जीत।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
कामाख्य़ा नन्दन दास महापात्र
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
53,74250.5%
2
सुनील पाल
48,21845.4%
3
नित्यानंद बल्लभ
3,2243.0%
4
अनिल कुमार दास
4160.4%
5
अनंत कुमार माइति
JP
JP
4110.4%
6
सुरेश गिरी
निर्दलीय
निर्दलीय
3160.3%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
5.2%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
85%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
असल में दो दल

CPI और INC को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
50.5%CPI की जीत
CPI 50.5%INC 45.4%अन्य 4.1%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

पटाशपुर से कौन जीता, 1977–2006

CPI ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.7% से घटकर 50.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 84.0% से बढ़कर 85.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977जन्मेजय ओझा (JNP), जीत का अंतर 12.1%
  2. 1982कामाख्य़ा नन्दन दास महापात्र (CPI), जीत का अंतर 12.8%
  3. 1987कामाक्ष्यानंदन दास महापात्र (CPI), जीत का अंतर 11.2%
  4. 1991कामाख्य़ा नन्दन दास महापात्र (CPI), जीत का अंतर 5.2%
  5. 1996कामाख्य़ा नन्दन दास महापात्र (CPI), जीत का अंतर 6.7%
  6. 2001कामाख्यानंदन दासमहापात्र (CPI), जीत का अंतर 6.7%
  7. 2006कामाख्यानंदन दासमहापात्र (CPI), जीत का अंतर 4.8%