बांसबेड़ियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
प्रबीर सेन गुप्ता (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर बांसबेड़िया सीट जीती और रोबिन मुखार्जी (INC) को 834 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 187 दासपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 187 चांपदानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बांसबेड़िया का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 834 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रबीर सेन गुप्ता वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 51,25347.0% |
| 2 | रोबिन मुखार्जी | 50,41946.2% | |
| 3 | कमला कान्ता चक्रवर्ती | 6,1005.6% | |
| 4 | गोविन्द सरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 4610.4% |
| 5 | समीर कुमार बर्मन | 4500.4% | |
| 6 | रामसरेष्ठ साव | 2630.2% | |
| 7 | श्यामा प्रसाद साव निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.29 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांसबेड़िया से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.7% से घटकर 47.0% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 77.0% से घटकर 76.1% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977प्रबीर कुमार सेन गुप्ता (CPM), जीत का अंतर 40.5%
- 1982प्रबीर सेनगुप्ता (CPM), जीत का अंतर 16.7%
- 1987प्रबीर सेन गुप्ता (CPM), जीत का अंतर 4.0%
- 1991प्रबीर सेन गुप्ता (CPM), जीत का अंतर 0.8%
- 1996रोबिन मुखार्जी (INC), जीत का अंतर 2.6%
- 2001आशुतोष मुखोपाध्याय (CPM), जीत का अंतर 0.4%
- 2006आशुतोष मुखोपाध्याय (CPM), जीत का अंतर 18.0%