शिबपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
जातु लहेरी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 45.7% वोट पाकर शिबपुर सीट जीती और सत्येन्द्र नाथ घोष (FBL) को 4,108 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 165 आमता थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 165 जोड़ासांको है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जातु लहेरी 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जातु लहेरी | 76,24645.7% | |
| 2 | सत्येन्द्र नाथ घोष | 72,13843.3% | |
| 3 | मणि भूषण चक्रवर्ती | 16,5169.9% | |
| 4 | सुब्रत पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4900.3% |
| 5 | मुक्ति कुमार सिद्धांत WPI | WPI | 4490.3% |
| 6 | बिमल सर्खेल निर्दलीय | निर्दलीय | 4440.3% |
| 7 | राज देव चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2640.2% |
| 8 | अनाथ बंधु भौमिक निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, FBL और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिबपुर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 72.4% से घटकर 68.0% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977कनाई लाल भट्टाचार्य्या (FBL), जीत का अंतर 39.9%
- 1982कनाईलाल भट्टाचार्य (FBL), जीत का अंतर 18.9%
- 1987सत्येन्द्र नाथ घोष (FBL), जीत का अंतर 5.2%
- 1991जातु लहेरी (INC), जीत का अंतर 2.5%
- 1996जातु लहेरी (INC), जीत का अंतर 7.3%
- 2001जातु लहेरी (AITC), जीत का अंतर 6.4%
- 2006डॉ. जगन्नाथ भट्टाचार्य्या (AIFB), जीत का अंतर 4.8%