बालीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पतित पावन पाठक (CPM) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 50.5% वोट पाकर बाली सीट जीती और सुप्रियो बसु (INC) को 13,720 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 161 उलुबेड़िया दक्षिण थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 161 बालीगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पतित पावन पाठक वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 47,71950.5% |
| 2 | सुप्रियो बसु | 33,99936.0% | |
| 3 | राखाल च. दास | 10,69611.3% | |
| 4 | कल्याण गोस्वामी IPF | IPF | 9771.0% |
| 5 | बिहाणी जय किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 4460.5% |
| 6 | मुकेश कंसल | 2740.3% | |
| 7 | पुरुषोत्तम शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 8 | राजा राम मित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 9 | हर्स शौकर सुकल्स निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 10 | सुभाष देब राय निर्दलीय | निर्दलीय | 640.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बाली से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1982 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1987 के 68.0% से घटकर 64.5% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।