बड़तलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
साधन पांडे (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 56.6% वोट पाकर बड़तला सीट जीती और परिमल राउत (RSP) को 20,573 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 158 पांचला थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 158 कोलकाता पोर्ट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — साधन पांडे 28.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साधन पांडे | 40,27456.6% | |
| 2 | परिमल राउत वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 19,70127.7% |
| 3 | प्रमोद सामंत | 9,18312.9% | |
| 4 | प्रदीप कुमार साहा JP | JP | 1,0531.5% |
| 5 | परिमल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2970.4% |
| 6 | सनत सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 7 | साधन पात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1540.2% |
| 8 | इन्द्र प्रसाद जायसवाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.2% |
| 9 | सनत रक्षित निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, RSP और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बड़तला से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.3% से घटकर 56.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1987 के 66.6% से घटकर 61.8% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।