दिनहाटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
कमल गूह (FBL) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 55.0% वोट पाकर दिनहाटा सीट जीती और आलोक कुमार नंदी (INC) को 10,914 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 7 कूचबिहार दक्षिण थी। 2011 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कमल गूह | 57,33955.0% | |
| 2 | आलोक कुमार नंदी | 46,42544.6% | |
| 3 | मनोहारी बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 4040.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.99 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
कूचबिहार ज़िला · 28.2 लाख लोग · जनगणना 2011
मेखला के कपड़े तथा शीतलपाटी और उसके उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू74.1%
- मुस्लिम25.5%
- ईसाई0.1%
- जैन0.1%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.1%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दिनहाटा से कौन जीता, 1977–2026
1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.9% से घटकर 55.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 84.8% से घटकर 83.0% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977कमल कान्ति गूह (FBL), जीत का अंतर 35.5%
- 1982कमल गूह (FBL), जीत का अंतर 16.1%
- 1987कमल गूह (FBL), जीत का अंतर 10.5%
- 1991कमल कान्ति गूह (FBL), जीत का अंतर 15.1%
- 1996कमल गूह (FB(S)), जीत का अंतर 23.2%
- 2001कमल गूह (FBL), जीत का अंतर 14.3%
- 2006अशोक मंडल (AITC), जीत का अंतर 2.5%
- 2011उदयन गूह (AIFB), जीत का अंतर 16.3%
- 2016उदयन गूह (AITC), जीत का अंतर 9.7%
- 2021निशीथ प्रामानिक (BJP), जीत का अंतर 0.0%
- 2026अजय राय (BJP), जीत का अंतर 6.5%