भरतपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
सत्य पद भट्टाचार्य्या (RSP) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर भरतपुर सीट जीती और खैरुल खोंदकार (INC) को 19,008 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 68 चापड़ा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 68 कांदी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्य पद भट्टाचार्य्या 22.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्य पद भट्टाचार्य्या वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 41,13448.2% |
| 2 | खैरुल खोंदकार | 22,12625.9% | |
| 3 | अब्दुल मन्नान निर्दलीय | निर्दलीय | 14,63917.2% |
| 4 | प्रफुल्ल कुमार बनर्जी | 2,2272.6% | |
| 5 | सेख सहजुद्दीन | 1,5111.8% | |
| 6 | राधा मोहन दे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2841.5% |
| 7 | बैरबेन्द्र नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0401.2% |
| 8 | जितेंद्रनाथ राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6670.8% |
| 9 | जहांगीर होसेन | 4710.6% | |
| 10 | दुलाल चन्द्र घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भरतपुर से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव RSP ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.6% से घटकर 48.2% रह गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 72.1% से घटकर 66.6% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी RSP ने यह सीट अपने पास रखी।