इंग्लिश बाज़ारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
शेलेन सरकार (CPM) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 53.0% वोट पाकर इंग्लिश बाज़ार सीट जीती और अशोक कुंडू (INC) को 11,276 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 46 फरक्का थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 46 हरिश्चंद्रपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शेलेन सरकार वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 45,31653.0% |
| 2 | अशोक कुंडू | 34,04039.8% | |
| 3 | जतीन्द्र नाथ घोष | 3,1983.7% | |
| 4 | सुखेंदु शेखर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0892.4% |
| 5 | असदुल सरदार निर्दलीय | निर्दलीय | 4780.6% |
| 6 | निर्मल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.3% |
| 7 | सज्जाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंग्लिश बाज़ार से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.7% से बढ़कर 53.0% हो गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 78.6% से घटकर 75.3% रह गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।