हावड़ा उत्तरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
अशोक घोष (INC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 50.8% वोट पाकर हावड़ा उत्तर सीट जीती और लगन देव सिंह (CPM) को 3,317 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 162 श्यामपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 162 चौरंगी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अशोक घोष 3.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक घोष | 46,68750.8% | |
| 2 | लगन देव सिंह वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 43,37047.2% |
| 3 | लालता प्रसाद अस्थाना | 7620.8% | |
| 4 | चित्तरंजन दे निर्दलीय | निर्दलीय | 5450.6% |
| 5 | अनिल बरन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 3870.4% |
| 6 | अजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 7 | शिब बहादुर चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हावड़ा उत्तर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1982 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.4% से घटकर 50.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1982 के 66.1% से बढ़कर 68.3% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।