माणिकचकविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
जोखीलाल मंडल (INC) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 49.5% वोट पाकर माणिकचक सीट जीती और सुबोध चौधुरी (CPM) को 470 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 सूती थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 47 मालतीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
माणिकचक का फ़ैसला सिर्फ़ 0.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 470 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जोखीलाल मंडल | 34,55549.5% | |
| 2 | सुबोध चौधुरी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 34,08548.9% |
| 3 | ताहिरुद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 8011.1% |
| 4 | अली तफ़ाज़ुल निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
माणिकचक से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 57.8% से बढ़कर 79.2% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।