ग्वालपोखरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1982
मोहम्मद रमजान अली (FBL) ने 1982 के विधान सभा चुनाव में 31.3% वोट पाकर ग्वालपोखर सीट जीती और पूरनमल महेश्वरी (BJP) को 6,268 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 29 कालियागंज थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 29 इस्लामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद रमजान अली | 21,20631.3% | |
| 2 | पूरनमल महेश्वरी | 14,93822.1% | |
| 3 | शेख शराफत हुसैन | 12,23418.1% | |
| 4 | निजामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 11,18316.5% |
| 5 | सोहराब अली निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9844.4% |
| 6 | जोसेफ सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3091.9% |
| 7 | शफीउर रहमान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2881.9% |
| 8 | सेकंदर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 8751.3% |
| 9 | महमुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 8651.3% |
| 10 | सिंह हरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5920.9% |
| 11 | महम्मद इस्लामुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 2380.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ग्वालपोखर से कौन जीता, 1977–2006
FBL ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1977 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1977 के 44.8% से बढ़कर 59.4% हो गया। इसके बाद 1987 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।