आड़ाईडांगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
हबीब मुस्तफा (CPM) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 47.1% वोट पाकर आड़ाईडांगा सीट जीती और मो. गोफुरुर रहमान (INC) को 1,597 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 44 सुजापुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 44 गाजोल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। हबीब मुस्तफा 4.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हबीब मुस्तफा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 19,07047.1% |
| 2 | मो. गोफुरुर रहमान | 17,47343.2% | |
| 3 | प्रतुल चन्द्र झा जनता | जनता | 3,4688.6% |
| 4 | जितेन्द्र नाथ कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4371.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और JNP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आड़ाईडांगा से कौन जीता, 1977–2006
इसके बाद 1982 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।