मोहम्मद बाजारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
धीरेन्द्र नाथ सेन (CPM) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 50.1% वोट पाकर मोहम्मद बाजार सीट जीती और निताई पद घोष (INC) को 8,188 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 289 नहीं थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 289 सैंथिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — धीरेन्द्र नाथ सेन 19.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धीरेन्द्र नाथ सेन वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 21,07350.1% |
| 2 | निताई पद घोष | 12,88530.6% | |
| 3 | नील रतन घोष जनता | जनता | 4,97511.8% |
| 4 | आलोक कुमार साधू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3833.3% |
| 5 | जितेन मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 6361.5% |
| 6 | अमर बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 4661.1% |
| 7 | नित्यरंजन बंदोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 4661.1% |
| 8 | अजय कुमार नन्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और JNP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मोहम्मद बाजार से कौन जीता, 1977–2006
इसके बाद 1982 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।