भांगड़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1977
दाउद खान (CPM) ने 1977 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर भांगड़ सीट जीती और अमीर अली मोल्ला (JNP) को 1,048 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 107 बिष्णुपुर पश्चिम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 107 नोआपाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। दाउद खान 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दाउद खान वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 14,68034.3% |
| 2 | अमीर अली मोल्ला जनता | जनता | 13,63231.9% |
| 3 | मोचते मणि होसेन निर्दलीय | निर्दलीय | 6,14514.4% |
| 4 | लोटमान अली मोल्ला वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 4,91811.5% |
| 5 | अब्दुल जलील मोल्ला | 3,1747.4% | |
| 6 | शौकत अली | 2570.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
भांगड़ से कौन जीता, 1977–2006
इसके बाद 1982 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।