कांदीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
अतीश चन्द्र सिन्हा (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 70.5% वोट पाकर कांदी सीट जीती और दामोदरदास चट्टोपाध्याय (CPM) को 19,752 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 60 चापड़ा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 60 डोमकल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अतीश चन्द्र सिन्हा 41.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अतीश चन्द्र सिन्हा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 33,90070.5% |
| 2 | दामोदरदास चट्टोपाध्याय वाम दल | वाम दल | 14,14829.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांदी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1971 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.4% से बढ़कर 70.5% हो गया। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1971 के 54.5% से बढ़कर 58.7% हो गया।