माथाभांगाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
बीरेन्द्र नाथ राय (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 60.2% वोट पाकर माथाभांगा सीट जीती और दिनेश चन्द्र डाकुआ (CPM) को 9,320 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 2 का नाम माथाभांगा था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 2 शीतलकुची है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बीरेन्द्र नाथ राय 20.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बीरेन्द्र नाथ राय कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 27,49360.2% |
| 2 | दिनेश चन्द्र डाकुआ वाम दल | वाम दल | 18,17339.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.92 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
माथाभांगा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1969 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 45.1% से बढ़कर 60.2% हो गया। मतदान प्रतिशत 1971 के 60.8% से घटकर 58.0% रह गया।