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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 193SC आरक्षित

सुताहाटाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972

रबीन्द्र नाथ करण (CPI) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर सुताहाटा सीट जीती और लक्ष्मण चन्द्र सेठ (CPM) को 12,459 वोटों से हराया।

1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 193 शालबनी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 193 खानाकुल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

रबीन्द्र नाथ करण
CPI· वाम दल
CPI 50.2%CPM 25.8%1 अन्य 24.0%
मिले वोट
25,641
मतों का 50.2%
जीत का अंतर
12,459
कुल वोटों का 24.4%
उम्मीदवार
3
मतदान प्रतिशत
64.1%
79,613 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — रबीन्द्र नाथ करण 24.4% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

3 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
रबीन्द्र नाथ करण
वाम दल
वाम दल
25,64150.2%
2
लक्ष्मण चन्द्र सेठ
वाम दल
वाम दल
13,18225.8%
3
शिबानाथ दास
निर्दलीय
निर्दलीय
12,23224.0%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
24.4%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
64%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

CPI, CPM और एक निर्दलीय को 100% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.66

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
280 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 141

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
50.2%CPI की जीत
CPI 50.2%CPM 25.8%निर्दलीय 24.0%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

सुताहाटा से कौन जीता, 1967–1972

CPI ने यह सीट BAC से छीन ली, जिसने इसे 1971 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह CPI की पहली जीत थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1971 के 73.0% से घटकर 64.1% रह गया।

  1. 1967एम.सी. दास (BAC), जीत का अंतर 9.5%
  2. 1969हरहरी देब (INC), जीत का अंतर 0.8%
  3. 1971बनेश्वर पात्र (BAC), जीत का अंतर 10.3%
  4. 1972रबीन्द्र नाथ करण (CPI), जीत का अंतर 24.4%