कुलतलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
पद्रबोध पुरकैत (SUC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 44.2% वोट पाकर कुलतली सीट जीती और अरबिंद नस्कर (INC) को 1,341 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 96 मथुरापुर उत्तर-पश्चिम थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 96 हासनाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। पद्रबोध पुरकैत 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पद्रबोध पुरकैत SUC | SUC | 26,70544.2% |
| 2 | अरबिंद नस्कर कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 25,36442.0% |
| 3 | गंगाधर नस्कर वाम दल | वाम दल | 7,72312.8% |
| 4 | भारत चन्द्र हालदार | 3740.6% | |
| 5 | बिश्वरोती राय मंडल BAC | BAC | 2300.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SUC, INC और CPM को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.57 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुलतली से कौन जीता, 1967–1972
SUC ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.4% से घटकर 44.2% रह गया। मतदान प्रतिशत लगभग 1969 जितना ही रहा: 69.0%। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।