कुमारग्रामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
पीयूष कान्ति मुखार्जी (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर कुमारग्राम सीट जीती और निताई चन्द्र दास (CPM) को 8,635 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 9 कालचीनी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 9 तूफानगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पीयूष कान्ति मुखार्जी 22.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पीयूष कान्ति मुखार्जी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 16,61943.9% |
| 2 | निताई चन्द्र दास वाम दल | वाम दल | 7,98421.1% |
| 3 | अनिमा हमारे | 4,08910.8% | |
| 4 | सुरेश तालुकदार | 4,08310.8% | |
| 5 | धीरेन्द्र चन्द्र सरकार | 3,2618.6% | |
| 6 | बेंजामिन सोरेन निर्दलीय | निर्दलीय | 9942.6% |
| 7 | करजी ललित मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 7932.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 76% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुमारग्राम से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.2% से घटकर 43.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 62.3% से घटकर 55.3% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।