रणघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
कुंडू गौर चन्द्र (CPM) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर रणघाट सीट जीती और बिनय कुमार चट्टोपाध्याय (INC) को 1,485 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 74 भाटपाड़ा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 74 कृष्णगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। कुंडू गौर चन्द्र 2.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कुंडू गौर चन्द्र वाम दल | वाम दल | 30,83549.0% |
| 2 | बिनय कुमार चट्टोपाध्याय कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 29,35046.6% |
| 3 | कालिदा घोष | 1,7532.8% | |
| 4 | मुखार्जी प्रफुल्ल कुमार | 5740.9% | |
| 5 | गोबिंद्र धर निर्दलीय | निर्दलीय | 4870.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.19 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रणघाट से कौन जीता, 1967–1972
CPM ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.7% से घटकर 49.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 71.3% से घटकर 68.6% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।