तेहट्टविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
माधबेंदु मोहंता (CPM) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 46.5% वोट पाकर तेहट्ट सीट जीती और खान सूरत अली (INC) को 10,993 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 65 रणघाट थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 65 कांदी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — माधबेंदु मोहंता 25.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माधबेंदु मोहंता वाम दल | वाम दल | 20,38346.5% |
| 2 | खान सूरत अली कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 9,39021.4% |
| 3 | काज़ी मो. मौला बोक्श निर्दलीय | निर्दलीय | 8,18818.7% |
| 4 | अजीत मोहन मल्लिक BAC | BAC | 2,3975.5% |
| 5 | बिस्वनाथ अगरवाडा | 2,3125.3% | |
| 6 | सिरंता कुमार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1722.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तेहट्ट से कौन जीता, 1967–1972
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 69.8% से घटकर 59.1% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।