खड़ग्रामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
नरेन्द्र हालदार (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 26.7% वोट पाकर खड़ग्राम सीट जीती और दीनबंधु हाझी (CPM) को 19 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 61 कृष्णनगर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 61 नओदा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
खड़ग्राम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 19 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन्द्र हालदार कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 9,55726.7% |
| 2 | दीनबंधु हाझी वाम दल | वाम दल | 9,53826.6% |
| 3 | गुरु पद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4,83013.5% |
| 4 | समापेंद्र कुमार चौधुरी वाम दल | वाम दल | 4,52212.6% |
| 5 | शंकरी प्रसाद दास | 4,34312.1% | |
| 6 | जितेन्द्र नाथ मंडल BAC | BAC | 2,0665.8% |
| 7 | मंडल सुधीर कुमार | 9492.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 67% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खड़ग्राम से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट RSP से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 52.2% से घटकर 41.9% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।