मुर्शिदाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
मोहम्मद इद्रीस अली (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 29.3% वोट पाकर मुर्शिदाबाद सीट जीती और जरजिस होसेन सरकार (CPM) को 788 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 53 नओदा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 53 सागरदीघी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मोहम्मद इद्रीस अली 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद इद्रीस अली कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 10,55329.3% |
| 2 | जरजिस होसेन सरकार वाम दल | वाम दल | 9,76527.1% |
| 3 | मो. आदिलुज़्ज़मान साहेब निर्दलीय | निर्दलीय | 6,86819.1% |
| 4 | धीरेन्द्र चन्द्र तालुकनार महागठबंधन | महागठबंधन | 4,57612.7% |
| 5 | तरुणकांति सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 3,90410.8% |
| 6 | सुलेमान मंडल | 3721.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुर्शिदाबाद से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.8% से घटकर 29.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 56.3% से घटकर 46.5% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।