सूतीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
मो. सोहराब (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 38.1% वोट पाकर सूती सीट जीती और शीश मोहम्मद (RSP) को 3,032 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 47 रानीनगर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 47 माणिकचक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मो. सोहराब कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 19,50438.1% |
| 2 | शीश मोहम्मद | 16,47232.2% | |
| 3 | सरकार बोनोय भूषण निर्दलीय | निर्दलीय | 5,59810.9% |
| 4 | बिस्वास साह मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 5,09210.0% |
| 5 | हबीबुर रहमान SUC | SUC | 2,3024.5% |
| 6 | यफ़ाद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3962.7% |
| 7 | अबुल कलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 4670.9% |
| 8 | एकरी गोपाल सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूती से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.3% से घटकर 38.1% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 70.5% से घटकर 58.5% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट RSP ने जीती।