इंग्लिश बाज़ारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
बिमल कान्ति दास (CPI) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 31.6% वोट पाकर इंग्लिश बाज़ार सीट जीती और हरि प्रसन्न मिश्र (BJS) को 2,227 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 42 सूती थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 42 हरिश्चंद्रपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बिमल कान्ति दास 4.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिमल कान्ति दास वाम दल | वाम दल | 14,29031.6% |
| 2 | हरि प्रसन्न मिश्र महागठबंधन | महागठबंधन | 12,06326.7% |
| 3 | शैलेंदु झा माणिक वाम दल | वाम दल | 10,28722.7% |
| 4 | निकिल बफहरी गुप्ता कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 7,78217.2% |
| 5 | कमीरुद्दीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 8071.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इंग्लिश बाज़ार से कौन जीता, 1967–1972
CPI ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.8% से घटकर 31.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 66.2% से घटकर 61.2% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।