खरबाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
गुलाम यजदानी (CPM) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 53.6% वोट पाकर खरबा सीट जीती और महबूबुल हक (INC) को 6,421 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 38 इंग्लिश बाज़ार थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 38 बालूरघाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गुलाम यजदानी वाम दल | वाम दल | 29,28353.6% |
| 2 | महबूबुल हक कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 22,86241.9% |
| 3 | सैयद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0491.9% |
| 4 | सुधीर कुमार दास | 7881.4% | |
| 5 | सरकार बोरोदाकांता BAC | BAC | 5951.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खरबा से कौन जीता, 1967–1972
CPM ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1967 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1969 जितना ही रहा: 76.4%। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।