हबीबपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
सरकार मुर्मू (निर्दलीय) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर हबीबपुर सीट जीती और बोइला मुर्मू (INC) को 1,460 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 36 रतुआ थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 36 तपन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सरकार मुर्मू 3.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरकार मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 15,76734.3% |
| 2 | बोइला मुर्मू कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 14,30731.1% |
| 3 | जहाँ हेमरोम | 7,18315.6% | |
| 4 | शिबनाथ प्रामानिक वाम दल | वाम दल | 6,38313.9% |
| 5 | रबीन्द्र नाथ हेमरोम BAC | BAC | 2,3455.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हबीबपुर से कौन जीता, 1967–1972
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1969 के 65.4% से घटकर 61.5% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।