फांसीदेवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
ईश्वर चन्द्र तिर्की (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 43.8% वोट पाकर फांसीदेवा सीट जीती और पतरस मिंज (CPM) को 4,581 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 24 करणदीघी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 24 कर्सियांग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ईश्वर चन्द्र तिर्की कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 19,25943.8% |
| 2 | पतरस मिंज वाम दल | वाम दल | 14,67833.4% |
| 3 | गोपाल हाँसदा | 3,4157.8% | |
| 4 | उराँव मरियानुस तिग्गा BAC | BAC | 2,1694.9% |
| 5 | जोसेफ कुंडा | 1,9684.5% | |
| 6 | टिंबा उराँव | 1,7994.1% | |
| 7 | अंजुलुश मुर्मू निर्दलीय | निर्दलीय | 7251.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फांसीदेवा से कौन जीता, 1967–1972
1967 से यहाँ हर चुनाव INC ने जीता है: यह लगातार उसकी तीसरी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.4% से घटकर 43.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 56.6% से घटकर 52.1% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।