बांदवानविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
शीतल चन्द्र हेम्ब्रम (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर बांदवान सीट जीती और कंद्रु माझी (LSS) को 571 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 220 छातना थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 220 गड़बेता पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बांदवान का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 571 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शीतल चन्द्र हेम्ब्रम कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 11,95433.3% |
| 2 | कंद्रु माझी LSS | LSS | 11,38331.7% |
| 3 | गोपिनाथ हाँसदा JKP | JKP | 3,5359.9% |
| 4 | प्रौल्ला मुण्डा महागठबंधन | महागठबंधन | 3,2839.2% |
| 5 | मोतीलाल मुण्डा वाम दल | वाम दल | 2,9378.2% |
| 6 | बुधेश्वर माझी | 2,7717.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बांदवान से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.2% से घटकर 33.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 50.4% से घटकर 46.6% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।