दार्जिलिंगविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
देव प्रकाश राय (IGL) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर दार्जिलिंग सीट जीती और मदन कुमार थापा (INC) को 5,865 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 21 फांसीदेवा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 21 राजगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — देव प्रकाश राय 18.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देव प्रकाश राय IGL | IGL | 14,99846.6% |
| 2 | मदन कुमार थापा कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 9,13328.4% |
| 3 | राजेन्द्र कुमार सिन्हा वाम दल | वाम दल | 8,04225.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
IGL, INC और CPM को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दार्जिलिंग से कौन जीता, 1967–1972
IGL ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.7% से घटकर 46.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 48.1% से बढ़कर 50.9% हो गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी IGL ने यह सीट अपने पास रखी।