जलपाईगुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
अनुपम सेन (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 49.9% वोट पाकर जलपाईगुड़ी सीट जीती और पार्श्व चन्द्र मत्र (CPM) को 11,088 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 18 दार्जिलिंग थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 18 माल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अनुपम सेन 21.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनुपम सेन कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 25,60849.9% |
| 2 | पार्श्व चन्द्र मत्र वाम दल | वाम दल | 14,52028.3% |
| 3 | कनु चक्रवर्ती वाम दल | वाम दल | 7,55114.7% |
| 4 | गिरीश चन्द्र देब सिंघा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9283.8% |
| 5 | अरुणांशु भौमिक | 9881.9% | |
| 6 | बिभूति भूषण सरकार BAC | BAC | 7431.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और CPI को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जलपाईगुड़ी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 72.8% से घटकर 55.9% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।