मयनागुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
बिजय कृष्ण मोहंता (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 35.0% वोट पाकर मयनागुड़ी सीट जीती और हरिपद राय (निर्दलीय) को 6,706 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 16 माल थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 16 नागराकाटा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बिजय कृष्ण मोहंता 18.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिजय कृष्ण मोहंता कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 12,78135.0% |
| 2 | हरिपद राय निर्दलीय | निर्दलीय | 6,07516.6% |
| 3 | जतीन्द्र नाथ बसुनिया | 5,16114.1% | |
| 4 | नीलचरण राय वाम दल | वाम दल | 3,85110.5% |
| 5 | जानकी नाथ राय BAC | BAC | 3,3569.2% |
| 6 | बसंत कुमार राय वाम दल | वाम दल | 2,3286.4% |
| 7 | अखिल चन्द्र राय महागठबंधन | महागठबंधन | 1,7684.8% |
| 8 | दिना नाथ राय | 1,2253.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 66% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.08 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मयनागुड़ी से कौन जीता, 1967–1972
INC ने 1969 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.3% से घटकर 35.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1969 के 56.8% से घटकर 49.6% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।