गार्डन रीचविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1971
एस. एम. अब्दुलियाम (INC) ने 1971 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर गार्डन रीच सीट जीती और छेदी लाल (CPM) को 89 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 104 बिष्णुपुर पूर्व थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 104 बारुईपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गार्डन रीच का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 89 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एस. एम. अब्दुलियाम कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 15,58234.1% |
| 2 | छेदी लाल वाम दल | वाम दल | 15,49334.0% |
| 3 | अरुण सेन वाम दल | वाम दल | 12,64927.7% |
| 4 | मो. अब्दुल बगत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3933.0% |
| 5 | राम सरन | 5101.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गार्डन रीच से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1969 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1969 के 62.4% से घटकर 51.3% रह गया। इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।