बारासातविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
सरल देब (FBL) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 46.8% वोट पाकर बारासात सीट जीती और अशोक कृष्ण दत्त (INC) को 7,410 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 82 स्वरूपनगर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 82 चाकदह है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सरल देब | 27,62646.8% | |
| 2 | अशोक कृष्ण दत्त | 20,21634.2% | |
| 3 | एस. अहसान PML | PML | 10,09017.1% |
| 4 | प्रियब्रत चटर्जी | 8681.5% | |
| 5 | मो. हबीबुर रहीम MIL | MIL | 1400.2% |
| 6 | अपुर्व कुमार चटर्जी NDF | NDF | 1340.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL, INC और PML को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बारासात से कौन जीता, 1967–1972
FBL ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 58.3% से घटकर 46.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 68.3% से बढ़कर 69.1% हो गया। इसके बाद 1971 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।