फरक्काविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
सेख सहादत होसेन (BAC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 31.8% वोट पाकर फरक्का सीट जीती और ज़ोहद अहमद (PML) को 679 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 46 भगवानगोला थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 46 इंग्लिश बाज़ार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
फरक्का का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 679 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सेख सहादत होसेन BAC | BAC | 12,95131.8% |
| 2 | ज़ोहद अहमद PML | PML | 12,27230.2% |
| 3 | नुर मोहम्मद बिस्वास | 7,28317.9% | |
| 4 | सत्यदेब गुप्ता Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 6,92617.0% |
| 5 | टी. ए. नूरन नबी निर्दलीय | निर्दलीय | 9762.4% |
| 6 | एम. ए. हान्नान अलहाज स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 2850.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरक्का से कौन जीता, 1967–1972
BAC ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 59.6% से घटकर 31.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 39.8% से बढ़कर 51.5% हो गया। इसके बाद 1971 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।