रामपुरहाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
शशांक शेखर मंगल (FBL) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 57.4% वोट पाकर रामपुरहाट सीट जीती और देबब्रत बंद्योपाध्याय (INC) को 7,005 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में कोई सीट नंबर 277 नहीं थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 277 नादनघाट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शशांक शेखर मंगल 19.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शशांक शेखर मंगल | 20,87457.4% | |
| 2 | देबब्रत बंद्योपाध्याय | 13,86938.1% | |
| 3 | हेमगोपाल मुखोपाध्याय Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 9812.7% |
| 4 | सत्य रंजन दे PBI | PBI | 4391.2% |
| 5 | सैयद मुर्शेद नवाज़ NDF | NDF | 1910.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
FBL और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामपुरहाट से कौन जीता, 1967–1972
FBL ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.6% से बढ़कर 57.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 58.5% से घटकर 52.6% रह गया। इसके बाद 1971 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।