रघुनाथपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
हरि पदो बाउरी (SUC) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 74.1% वोट पाकर रघुनाथपुर सीट जीती और तिलक बाउरी (INC) को 18,724 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 228 दुर्गापुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 228 दांतन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरि पदो बाउरी 55.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि पदो बाउरी SUC | SUC | 25,10574.1% |
| 2 | तिलक बाउरी | 6,38118.8% | |
| 3 | नेपाल बाउरी NDF | NDF | 1,0673.1% |
| 4 | दास दिबाकर Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 7962.4% |
| 5 | नकुल बाउरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5441.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SUC और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रघुनाथपुर से कौन जीता, 1967–1972
SUC ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 41.7% से बढ़कर 48.7% हो गया। इसके बाद 1971 के चुनाव में भी SUC ने यह सीट अपने पास रखी।