बजबजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1969
खिति भूषण राय बर्मन (CPM) ने 1969 के विधान सभा चुनाव में 61.1% वोट पाकर बजबज सीट जीती और प्राणकृष्ण मुखार्जी (INC) को 13,494 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में भी सीट नंबर 106 का नाम बजबज था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 106 कैनिंग पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — खिति भूषण राय बर्मन 22.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
2 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | खिति भूषण राय बर्मन वाम दल | वाम दल | 37,13761.1% |
| 2 | प्राणकृष्ण मुखार्जी | 23,64338.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 1.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बजबज से कौन जीता, 1967–1972
CPM ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.7% से बढ़कर 61.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 66.2% से बढ़कर 67.1% हो गया। इसके बाद 1971 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।