गाजियाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2022
अतुल गर्ग (BJP) ने 2022 के विधान सभा चुनाव में 61.4% वोट पाकर गाजियाबाद सीट जीती और विशाल वर्मा (SP) को 1,05,537 वोटों से हराया।
2012 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2007 में सीट नंबर 56 निघासन थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अतुल गर्ग 43.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अतुल गर्ग NDA | NDA | 1,50,20561.4% |
| 2 | विशाल वर्मा | 44,66818.3% | |
| 3 | कृष्ण कुमार | 32,69113.4% | |
| 4 | सुशांत गोयल | 11,8184.8% | |
| 5 | निमित | 1,8790.8% | |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 1,2380.5% |
| 6 | पिन्टू सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7540.3% |
| 7 | रानी देव श्री निर्दलीय | निर्दलीय | 3310.1% |
| 8 | सुधीर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2760.1% |
| 9 | नरेश कुमार RSPS | RSPS | 2500.1% |
| 10 | प्रदीप कुमार पाठक SBSPSP | SBSPSP | 1530.1% |
| 11 | अमित शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.1% |
| 12 | आशुतोष गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1430.1% |
| 13 | रजनीश कुमार ठाकुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 14 | राकेश सूरी RTORP | RTORP | 940.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
कम मतदान प्रतिशत (386वाँ), सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में उत्तर प्रदेश की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
उत्तर प्रदेश में सबसे कम मतदान वाली सीटों में (403 सीटों में ऊपर से 386वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, SP और BSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में ऊपर से 290वाँ
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.43 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
गाजियाबाद ज़िला · 46.8 लाख लोग · जनगणना 2011
इंजीनियरिंग सामान और घर की सजावट का सामान के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू72.9%
- मुस्लिम25.4%
- सिख0.5%
- ईसाई0.4%
- जैन0.3%
- बौद्ध0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.4%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गाजियाबाद से कौन जीता, 2012–2022
BJP ने 2017 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.0% से बढ़कर 61.4% हो गया। मतदान प्रतिशत 2017 के 53.3% से घटकर 51.6% रह गया।
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