जलेसरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2022
संजीव कुमार (BJP) ने 2022 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर जलेसर सीट जीती और रंजीत सुमन (SP) को 4,441 वोटों से हराया।
2012 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2007 में सीट नंबर 106 गौरीगंज थी। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। संजीव कुमार 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
14 उम्मीदवार + नोटानाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संजीव कुमार NDA | NDA | 91,33945.1% |
| 2 | रंजीत सुमन | 86,89842.9% | |
| 3 | आकाश सिंह | 19,3649.6% | |
| 4 | नीलमा राज | 8600.4% | |
| 5 | राजा बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 8410.4% |
| — | नोटा नोटा | नोटा | 6190.3% |
| 6 | अशोक ASPKR | ASPKR | 6160.3% |
| 7 | राहुल कुमार वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.3% |
| 8 | सुखवीर सिंह धनगर RSOSP | RSOSP | 3960.2% |
| 9 | चोब सिंह JANADIP | JANADIP | 3870.2% |
| 10 | राहुल प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.1% |
| 11 | इन्द्रेश कुमारी VPI | VPI | 1480.1% |
| 12 | धीरज सिंह JDL | JDL | 1270.1% |
| 13 | प्रेमलता | 1060.1% | |
| 14 | राजू BJNP | BJNP | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
ऊँचा मतदान प्रतिशत (45वाँ), औसत से ज़्यादा नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
इसी चुनाव में उत्तर प्रदेश की दूसरी सीटों के मुक़ाबले
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा मतदान वाली सीटों में (403 सीटों में ऊपर से 45वाँ)
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, SP और BSP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
नोटा को कितने वोट मिले?
वोट नोटा (“इनमें से कोई नहीं”) को मिले
उत्तर प्रदेश की 403 सीटों में ऊपर से 389वाँ
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.24 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
एटा ज़िला · 17.7 लाख लोग · जनगणना 2011
घुंघरू, घंटियां और पीतल के उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू90.8%
- मुस्लिम8.3%
- जैन0.3%
- बौद्ध0.2%
- ईसाई0.1%
- सिख<0.1%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
2 प्रसिद्ध स्थानTwo mounds together with, ancient sculptures and other antiquarian remains at Noh Khas & Noh Khera
प्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जलेसर से कौन जीता, 2012–2022
BJP ने 2017 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.1% से बढ़कर 45.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 2017 के 65.8% से बढ़कर 68.0% हो गया।
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