बिहारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
विनोद कुमार (निर्दलीय) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 47.2% वोट पाकर बिहार सीट जीती और कृष्ण चन्द्र (BSP) को 9,160 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 99 मलिहाबाद थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 99 सिरसागंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 42,03447.2% |
| 2 | कृष्ण चन्द्र | 32,87436.9% | |
| 3 | सुरेश भारती AD | AD | 4,8545.5% |
| 4 | हरि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0733.5% |
| 5 | केशव प्रसाद UPA | UPA | 2,3472.6% |
| 6 | हर हरि लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2111.4% |
| 7 | मदन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1691.3% |
| 8 | दाता दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 7310.8% |
| 9 | जगदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 7220.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, BSP और AD को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.74 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.07 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिहार से कौन जीता, 2002–2007
2002 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 2002 के 51.9% से घटकर 35.0% रह गया।
- 2002रामनाथ (IND), जीत का अंतर 56.7%
- 2007विनोद कुमार (IND), जीत का अंतर 10.3%