तिलोईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
मयंकेश्वर शरण सिंह (SP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 31.7% वोट पाकर तिलोई सीट जीती और डॉ. मोहम्मद मुस्लिम (INC) को 457 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 92 बांगरमऊ थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 92 खेरागढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
तिलोई का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 457 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मयंकेश्वर शरण सिंह समाजवादी गठबंधन | समाजवादी गठबंधन | 44,51331.7% |
| 2 | डॉ. मोहम्मद मुस्लिम UPA | UPA | 44,05631.3% |
| 3 | दिनेश प्रताप सिंह | 31,25722.2% | |
| 4 | धर्मेश कुमार NDA | NDA | 6,8104.8% |
| 5 | समर बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4541.8% |
| 6 | शमी उल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4151.7% |
| 7 | मोहम्मद तनवीर NDA | NDA | 2,2451.6% |
| 8 | मुन्ना NLHP | NLHP | 1,3000.9% |
| 9 | सभा जीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2340.9% |
| 10 | राम सुघर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1400.8% |
| 11 | राम नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 8660.6% |
| 12 | राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6260.5% |
| 13 | मोहम्मद हारून फौजी RSBP | RSBP | 6250.4% |
| 14 | मोहम्मद मुस्लिम निर्दलीय | निर्दलीय | 5220.4% |
| 15 | मोहम्मद शकील गुजर JM | JM | 5190.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.98 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.06 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तिलोई से कौन जीता, 2002–2007
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 57.5% से घटकर 51.4% रह गया।
- 2002मयंकेश्वर शरण सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.7%
- 2007मयंकेश्वर शरण सिंह (SP), जीत का अंतर 0.3%